पेयजल योजनाओं को मिली रफ्तार: 2800 करोड़ की स्वीकृति, हर घर नल योजना में तेजी

  • बोकारो, गढ़वा और साहिबगंज की शहरी जलापूर्ति योजनाओं को पूरा करने को तत्पर 

रांची: राज्य में पेयजल आपूर्ति योजनाओं को अब वित्तीय मजबूती मिलने से कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग बोकारो, गढ़वा और साहिबगंज की शहरी जलापूर्ति योजनाओं को पूरा करने में जुटा है। केंद्र सरकार ने राज्यांश के तहत 2800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है, जिससे लंबित योजनाओं को गति मिलेगी।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार जिन योजनाओं का 70 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें अगले दो महीने में पूर्ण कर लिया जाएगा। वहीं ‘हर घर नल’ योजना के तहत तीन लाख नए घरों में जलापूर्ति शुरू की जाएगी। इन घरों में पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है।

जल जीवन मिशन के तहत राज्य में कुल 65 लाख घरों तक पाइप से शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य है। वर्तमान में लगभग 35 लाख घरों तक ही नल से जल पहुंच सका है। यह योजना राज्य के 263 प्रखंडों और 4296 पंचायतों में लागू है। वर्ष 2028 से पहले इसे पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित है। अभी भी 122 गांव ऐसे हैं, जहां योजना की पहुंच नहीं हो सकी है।

नए वित्तीय वर्ष में भी पेयजल योजनाओं के लिए संसाधनों की कमी नहीं होगी। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 2500 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे, जबकि आगामी वित्त वर्ष में केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय द्वारा लगभग 3000 करोड़ रुपये देने की बात कही गई है। इससे जलापूर्ति योजनाओं के लिए आवंटन संबंधी संकट समाप्त होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि राशि के अभाव में सात से अधिक जलापूर्ति योजनाओं का कार्य पूर्व में प्रभावित हुआ था।

योजना के तहत जिन घरों में जलापूर्ति शुरू हो चुकी है, उनकी जियो टैगिंग भी अनिवार्य है। फिलहाल लगभग 80 प्रतिशत घरों की ही जियो टैगिंग हो पाई है। विभाग का लक्ष्य शत-प्रतिशत जियो टैगिंग सुनिश्चित कर पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना है।

सरकार का मानना है कि पर्याप्त वित्तीय संसाधन और तेज कार्यान्वयन से राज्य के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट को दूर करने में उल्लेखनीय सफलता मिलेगी।

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