रांची: राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री अस्पताल कायाकल्प योजना के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा निर्णय लिया है। योजना के अंतर्गत राज्य के सभी सदर अस्पतालों के जीर्णोद्धार की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसी क्रम में सरकार ने सदर अस्पतालों की आधारभूत संरचना सुधारने के लिए कई योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है, जिससे ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर इलाज सुविधा उपलब्ध हो सके।
स्वास्थ्य विभाग ने सदर अस्पताल गोड्डा और सदर अस्पताल दुमका के जीर्णोद्धार के लिए राशि स्वीकृत कर दी है। गोड्डा सदर अस्पताल के लिए 4.05 करोड़ रुपये तथा दुमका सदर अस्पताल के लिए 5.26 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दी गई है। इन अस्पतालों में भवन सुधार, मरीज सुविधाओं का विस्तार, चिकित्सा उपकरणों का उन्नयन तथा सेवा गुणवत्ता सुधार से संबंधित कार्य किए जाएंगे। इससे इन जिलों के मरीजों को बड़े शहरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इसी क्रम में सदर अस्पताल रांची में अत्याधुनिक बोन मैरो स्टेम सेल ट्रांसप्लांट यूनिट स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इस यूनिट की स्थापना के लिए छह करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी गई है और इसके लिए आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। इस सुविधा के शुरू होने के बाद राज्य में गंभीर रक्त संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस यूनिट की स्थापना से कैंसर तथा अन्य जटिल बीमारियों के इलाज में राज्य की चिकित्सा व्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी।
स्वास्थ्य संरचना विकास के तहत मेडिकल कॉलेजों में भी विस्तार और आधुनिकीकरण की योजनाओं को स्वीकृति दी गई है। धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज में नए पीजी ब्लॉक के विस्तार के साथ-साथ नए ओपीडी ब्लॉक के निर्माण की योजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के लिए 24.95 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे मेडिकल शिक्षा और मरीज उपचार दोनों क्षेत्रों में व्यापक सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
नए ओपीडी ब्लॉक के निर्माण के लिए तीन आधुनिक भवन बनाए जाएंगे, जिनमें जी प्लस थ्री, जी प्लस फोर तथा जी प्लस फाइव संरचना शामिल होगी। इस परियोजना की डीपीआर को झारखंड भवन निर्माण कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा पहले ही तकनीकी स्वीकृति दी जा चुकी है। निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया भी इसी एजेंसी द्वारा संचालित की जाएगी। नए भवन बनने से मरीजों को बेहतर आउटडोर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी तथा डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए कार्य व्यवस्था अधिक सुगम बनेगी।
इसी तरह स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीकी रूप से मजबूत करने के उद्देश्य से पलामू स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज में मशीन और चिकित्सा उपकरणों की खरीद के लिए 1.50 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता से जांच और उपचार की गुणवत्ता में सुधार आएगा तथा मरीजों को समय पर सटीक चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान भारत इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम के तहत भी कई निर्माण और विकास कार्यों के लिए राशि स्वीकृत की है। इस योजना का उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करना और दूरदराज क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। राज्य सरकार का मानना है कि स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण से आम जनता को बेहतर इलाज उपलब्ध होगा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच व्यापक स्तर पर सुनिश्चित की जा सकेगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में यह निवेश राज्य की चिकित्सा व्यवस्था को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। अस्पतालों के जीर्णोद्धार, नई चिकित्सा इकाइयों की स्थापना और मेडिकल कॉलेजों के विस्तार से न केवल मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि राज्य में चिकित्सा शिक्षा और शोध गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। सरकार का यह कदम राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
