रांची : राज्य में कुल 31 जेलें संचालित हैं, जहां लंबे समय से नियमित जेलर पदों की कमी बनी हुई है। पहले अधिकांश जेलों में क्लर्क संवर्ग के वरिष्ठ कर्मियों को जेलर का प्रभार दिया गया था। हालांकि नए जेल मैनुअल के लागू होने के बाद यह स्पष्ट किया गया कि जेलर पद पर केवल वर्दीधारी अधिकारी ही पदस्थापित किए जा सकते हैं। इसके बाद जेल प्रशासन ने वरिष्ठ कक्षपालों को जेलर का दायित्व सौंपा।
राज्य में जेलर पद पर सीधी नियुक्ति का प्रावधान नहीं है। सहायक जेलर ही प्रोन्नति के माध्यम से जेलर बनते हैं। वर्तमान में जेलर और सहायक जेलर की संख्या अत्यंत सीमित है। इन पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही सहायक जेलर के पदों पर नियुक्ति की संभावना है।
हालांकि नियुक्ति, प्रशिक्षण और पदस्थापन की प्रक्रिया में समय लगना तय है, वहीं प्रोन्नति के माध्यम से जेलर बनने में भी लंबा समय लगता है। इसी अंतराल को पाटने और जेलों में विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के उद्देश्य से अनुबंध के आधार पर सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों को जेलर पद पर तैनात करने पर विचार किया जा रहा है। इस पहल को जेल प्रशासन में अनुशासन और प्रबंधन क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक अंतरिम समाधान के रूप में देखा जा रहा है।
