जामताड़ा: उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रवि आनंद (भा०प्र०से०) की तत्परता से जामताड़ा जिले की एक नाबालिग बच्ची को बिहार के जमुई जिले से सकुशल रेस्क्यू कर परिजनों को सौंप दिया गया। 12 फरवरी 2026 को सूचना मिलते ही उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी को टीम गठित कर तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। जानकारी के अनुसार बच्ची को आरपीएफ एस्कॉर्ट द्वारा जमुई जीआरपी थाना में सुरक्षित रखा गया था, लेकिन भाषा संबंधी कठिनाई के कारण उसके पते का सत्यापन नहीं हो पा रहा था।
जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी अंजू पोद्दार ने संथाली भाषा जानने वाले कर्मी की मदद से बच्ची से संवाद स्थापित किया। सामाजिक कार्यकर्ता के माध्यम से पते का सत्यापन कर परिजनों से संपर्क किया गया और आवश्यक दस्तावेज मंगवाए गए। विधिसम्मत प्रक्रिया पूरी कर चाइल्ड हेल्पलाइन की निगरानी में बच्ची को ट्रेन से जामताड़ा लाया गया और बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद समिति ने बच्ची को उसके अभिभावकों को सौंप दिया।
मौके पर चाइल्ड हेल्पलाइन की सुपरवाइजर सीता देवी, विजेंद्र यादव सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। परिजनों ने प्रशासन के प्रति आभार जताया। रवि आनंद ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अभिभावकों को भी सजग रहने की आवश्यकता है।
