बोकारो थर्मल: ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से डीवीसी सीएसआर एवं डीवीसी अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। नावाडीह प्रखंड के ऊपरघाट स्थित पिपराडीह उत्क्रमित उच्च विद्यालय में एक दिवसीय विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य केंद्र बिंदु स्कूली छात्राओं में मासिक धर्म स्वच्छता और एनीमिया (खून की कमी) की जांच रहा, जिसके साथ ही विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं का सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया।
शिविर का विधिवत उद्घाटन डीवीसी अस्पताल की डीजीएम (हेल्थ) डॉ. संगीता रानी एवं डॉ. ऋतांकर चक्रवर्ती द्वारा किया गया। छात्राओं को संबोधित करते हुए डॉ. संगीता रानी ने मासिक धर्म के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और स्वच्छता के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सामाजिक झिझक या संकोच के कारण स्वास्थ्य समस्याओं को छिपाना भविष्य में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है, इसलिए स्वास्थ्य के प्रति खुला संवाद आवश्यक है। डॉक्टरों की टीम ने एनीमिया के लक्षणों की पहचान, उससे बचाव के तरीके और आयरन युक्त पौष्टिक आहार के महत्व को भी बारीकी से समझाया।
शिविर का विधिवत उद्घाटन डीवीसी अस्पताल की डीजीएम (हेल्थ) डॉ. संगीता रानी एवं डॉ. ऋतांकर चक्रवर्ती द्वारा किया गया। छात्राओं को संबोधित करते हुए डॉ. संगीता रानी ने मासिक धर्म के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और स्वच्छता के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सामाजिक झिझक या संकोच के कारण स्वास्थ्य समस्याओं को छिपाना भविष्य में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है, इसलिए स्वास्थ्य के प्रति खुला संवाद आवश्यक है। डॉक्टरों की टीम ने एनीमिया के लक्षणों की पहचान, उससे बचाव के तरीके और आयरन युक्त पौष्टिक आहार के महत्व को भी बारीकी से समझाया।
इस स्वास्थ्य मिशन के तहत छात्राओं के बीच निःशुल्क सेनेटरी पैड और आयरन की गोलियों का वितरण किया गया ताकि उनमें स्वच्छता की आदत विकसित हो सके। जनरल हेल्थ कैंप के माध्यम से विद्यालय के अन्य बच्चों की भी शारीरिक जांच की गई और जरूरत के अनुसार उन्हें चिकित्सीय परामर्श व दवाइयां दी गईं। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक सहित अस्पताल के हेल्थ इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार, मो. कलीम अंसारी, गौतम मंडल और विद्यालय के शिक्षक उपस्थित रहे। विद्यालय प्रबंधन ने डीवीसी की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे शिविर छात्राओं के आत्मविश्वास और स्वास्थ्य स्तर को सुधारने में मील का पत्थर साबित होंगे।
